बीएसएफ को मिले 167 नए जांबाज, श्रीनगर में पासिंग आउट परेड संपन्न

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर में शनिवार को रंगरूटों की पासिंग आउट परेड और सत्यापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें 167 रंगरूट बीएसएफ में शामिल होने के लिए पास आउट हुए।

इस अवसर पर आईजी एसटीसी कश्मीर (बीएसएफ) सोलोमन यश कुमार मिंज मुख्य अतिथि थे। मुख्य अतिथि का स्वागत एसटीसी बीएसएफ कश्मीर के कमांडेंट योगिंदर अग्रवाल ने किया।

मुख्य अतिथि ने बीएसएफ रिक्रूट कांस्टेबलों की भव्य सत्यापन परेड का निरीक्षण किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रक्षा की पहली पंक्ति होने के नाते बीएसएफ अपनी स्थापना के बाद से न केवल हमारी सीमाओं की प्रभावी ढंग से रक्षा कर रही है बल्कि इसने अद्वितीय वीरता और दृढ़ संकल्प के साथ विदेशी प्रायोजित आतंकवाद और आंतरिक उग्रवाद से लड़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि हमारी सीमाओं पर उत्पन्न होने वाले आतंकवाद और नार्को टेरर के खतरों को खत्म करने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग और समन्वय आवश्यक है।

मुख्य अतिथि ने जोर देकर कहा कि एक कुशल तंत्र और प्रतिक्रिया प्रणाली के साथ बीएसएफ विशाल चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने आत्मविश्वास के उत्कृष्ट प्रदर्शन और सही समन्वय की तहे दिल से सराहना की जो परेड के दौरान उच्च बिंदू था।

उन्होंने बीएसएफ को एक वाहक विकल्प के रूप में चुनने के लिए रिक्रूटों की सराहना की और उन्हें साहस और उत्साह के साथ राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने एसटीसी कश्मीर और उसके अनुदेशात्मक कर्मचारियों को नए युवाओं को सुप्रशिक्षित सीमा प्रहरी बनाने, उनमें आत्मविश्वास भरने और उन्हें अनुशासित जवान बनाने के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयासों के लिए बधाई दी।

उन्होंने बीएसएफ को कॅरिअर विकल्प के रूप में चुनने के लिए रंगरूटों की सराहना की और उन्हें साहस और उत्साह के साथ देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रंगरूटों को उनके जीवन और सेवा में उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य अतिथि ने विभिन्न इनडोर और आउटडोर प्रशिक्षण गतिविधियों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले रंगरूटों को पदक से सम्मानित किया। परेड कमांडर रंगरूट कांस्टेबल अमित चंदेल थे।

बैच के पांच प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ चुना गया और उन्हें ट्रॉफी प्रदान की गईं।

इनमें बेस्ट इन ड्रिल परेड कमांडर कांस्टेबल अमित चंदेल, आल राउंड बेस्ट कांस्टेबल रवि कुमार, सेकंड आल राउंड बेस्ट कांस्टेबल हरिकेश चौहान, बेस्ट इन एफपीईटी कांस्टेबल पारगी कौशिक कुमार और बेस्ट इन फायरिंग कांस्टेबल राहुल शर्मा को घोषित किया गया।

देश की रक्षा करने के लिए जान देने और जान लेने से पीछे नहीं हटेंगे

जम्मू के कांस्टेबल सुशील कुमार ने कहा कि आज के दिन पर हमें गर्व हो रहा है क्योंकि आज के दिन हम देश की सेवा में अपना पहला कदम रखने जा रहे हैं। आज हम 44 हफ्तों की कठिन प्रशिक्षण के बाद यहां तक पहुंचे

आज हमने शपथ ली है कि देश की रक्षा के लिए चाहे हमें किसी की जान लेनी पड़े या देनी पड़े हम पीछे नहीं हटेंगे। हुगली पश्चिम बंगाल से विकास राव ने कहा कि आज का यह दिन हमारी जिंदगी का एक अहम पल है। हम काफी उत्साहित हैं। हमें काफी गर्व हैं। युवाओं को अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आप भी बल में शामिल हों और देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दो।

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