चीन विवाद पर बोलीं मायावती, सीमा रक्षा का मामला सरकार पर छोड़ देना बेहतर

नसीहत : सरकार ​और विपक्ष दोनों परिपक्वता-एकजुटता से काम करें

लखनऊ : भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर एक तरफ जहां कुछ दलों की राजनीति जारी है वहीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो व प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ऐसे गम्भीर मामले पर सियासत करने वाले दलों को नसीहत दी है। उन्होंने देशहित व सीमा की रक्षा को लेकर उचित कदम उठाने का जिम्मा सरकार पर छोड़ने की बात कही है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट किया कि अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है। इसके निदान के लिए सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे जो कि हर सरकार का दायित्व भी है। मायावती चीन के साथ तनातनी को लेकर लगातार सरकार के साथ खड़े होकर अपना पक्ष रखती रही हैं। इससे पहले वह शहीदों के परिवार के एक सदस्य को तीन महीने के अन्दर सरकारी नौकरी देने की भी मांग कर चुकी हैं। वहीं उन्होंने कहा था कि देश को विश्वास है कि भारत सरकार देश की आन, बान व शान के हिसाब से सही समय पर सही फैसला लेगी व देश की एक इंच जमीन भी किसी को कभी हड़पने नहीं देगी।

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