
सरकार ने पुराने वाहनों को खत्म करने के लिए अब एक बड़ा फैसला लिया है।15 साल से पुराने वाहन पर अब भारी जुर्माना लगेगा। अब पुराने वाहनों को स्क्रैप न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। जानिए कैसे बच सकते हैं इस नई मुसीबत से
देश में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वन और पर्यावरण मंत्रालय ने 1 दिसंबर 2025 से पुराने वाहनों को लेकर और नियम सख्त कर दिए हैं। नए नियमों में वहां स्क्रेपिंग और रजिस्ट्रेशन को लेकर कई बदलाव किए गए हैं।
अगर आपके पास कोई पुरानी गाड़ी है तो आपके लिए यह खबर जानना बेहद जरूरी है।
यदि आपका वाहन 15 साल पुराना हो गया है तो उसका रजिस्ट्रेशन बढ़ाना अनिवार्य है। इस तरह का वाहन घर में रखना भी गैर कानूनी माना जाएगा। वाहन मालिकों को 180 दिनों के भीतर वहां को अधिकृत स्क्रेपिंग या संग्रहण केंद्र में जमा करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ वाहन मालिक ही नहीं बल्कि वाहन निर्माण करने वाली कंपनियों को भी स्क्रेपिंग को लेकर जवाब देना होगा। सरकार के नए निर्देश में कंपनियों को हर साल एक निश्चित संख्या में पुराने वाहनों को स्क्रेपिंग करनी होती है और उसका प्रमाण पत्र देना होता है। ऐसा करने के बाद ही उन्हें नए वाहनों के निर्माण के अनुमति दी जाती है। हालांकि, कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को इस नियम से बाहर रखा गया है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए नियमों के तहत 2005-06 के आधार पर गैर परिवहन और वर्ष 2010-11 के आधार पर परिवहन वाहनों की स्क्रेपिंग करनी होगी। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियों को स्टील और अन्य धातुओं में न्यूनतम 8% स्क्रैपिंग पूरी करनी होगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों (old vehicle rules NCR) को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, एनसीआर से बाहर के जिलों में यदि वाहन फिटनेस टेस्ट पास करता है, तो वह हर 5 साल में फिटनेस प्रमाणपत्र (fitness certificate) लेकर सड़कों पर चल सकता है। यह नियम परिवहन और गैर-परिवहन दोनों श्रेणियों के वाहनों पर लागू होगा।
नई स्क्रैपिंग नीति के अनुसार, परिवहन वाहनों की अधिकतम उम्र 15 साल और गैर-परिवहन वाहनों के लिए 20 साल निर्धारित की गई है। इसके बाद भी यदि वाहन फिटनेस टेस्ट में पास हो जाता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन पांच साल की अवधि के लिए नवीनीकृत कराया जा सकता है।
नए नियमों से क्या होगा असर?
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
सड़कों पर पुराने और असुरक्षित वाहनों की संख्या घटेगी।
वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहन को बेचने और स्क्रैपिंग के जरिए नया वाहन खरीदने में सहूलियत मिलेगी।
वाहन निर्माता कंपनियों के लिए स्क्रैपिंग नीति को लागू करना अनिवार्य होगा।
नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।