
मां वैष्णो देवी की यात्रा 16वें दिन भी स्थगित रही, जिससे श्रद्धालुओं में निराशा का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रशासन और श्राइन बोर्ड की ओर से मार्ग की सुरक्षा और सफाई कार्य अंतिम चरण में है। अनुमान है कि इसी सप्ताह यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा।
26 अगस्त को अर्धकुंवारी के पास भारी भूस्खलन के बाद से यात्रा पूरी तरह बंद है। इसके बाद से त्रिकुटा पर्वत मार्ग पर जगह-जगह से मलबा और पत्थर हटाने का कार्य जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो। इस बीच देशभर से आए हजारों श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटड़ा में ही रुके हुए हैं और कुछ ने तो घर लौटने का निर्णय भी लिया है। हालांकि श्राइन बोर्ड ने पहले दो दिन श्रद्धालुओं को फ्री कमरे और खाना दिया था उसके बाद बंद कर दिया गया था। मगर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय लोग लगातार इन श्रद्धालुओं की रहने और खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें दिन-रात मार्ग बहाल करने में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए मौसम में सुधार की संभावना जताई है जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है कि माता वैष्णो देवी का दरबार दर्शन के लिए जल्द खुल जाएगा।



